नमाज़ की शर्तें, अरकान , सुन्नतें, मकरूह और खराब करने वाली बातें
नमाज़ की शर्तें, अरकान , सुन्नतें, मकरूह और खराब करने वाली बातें
नमाज़ की शर्तें:
नमाज की निम्नलिखित शर्तों
का उल्लेख है:
1. पवित्रता: शरीर, कपड़े और जगह का पाक होना।
2. सतर ढकना: यानि पुरुष और महिला
के लिए विशेष अंगों को ढकना।
3. **किबला की ओर मुख करना: किबला की ओर मुँह करके
खड़े होना।
4. समय का होना : हर नमाज का अपना समय पर अदा
करना।
5. निय्यत : दिल में नमाज की नीयत करना।
नमाज़ के स्तंभ (अरकान):
नमाज के निम्नलिखित अरकान हैं:
1. तकबीर-ए-तहरीमा:यानी "अल्लाहु अकबर"
कहकर नमाज शुरू करना।
2. खड़े होना (क़याम):** फ़र्ज़ नमाज में खड़े
होना।
3. किराअत:
कुरान में से कुछ पढ़ना।
4. रुकू: हाथ घुटनों पर रखकर झुकना।
5. सजदा: माथा, नाक, हाथ, घुटने और पैर की उंगलियाँ ज़मीन पर रखना।
6. अंतिम बैठक (क़यदा आख़िरा): नमाज़ के आखिर में बैठना।
नमाज़ के वाजिबात (आवश्यक कार्य):
नमाज के वाजिबात में ये
शामिल हैं:
1. सूरह फातिहा पढ़ना: अलहम्दु शरीफ पढना ।
2. सूरह पढ़ना: सूरह फातिहा के बाद सूरह या तीन
छोटी आयतें पढ़ना।
3. अरकान का क्रम:** यानी पहले क़याम, फिर
रुकू, फिर दो सजदे।
4. दो रकात पर बैठना:** इसे क़यदा ऊला भी कहते
हैं।
5. अत-तहिय्यात: यानी दोनों क़यदों में तशहहुद
पढ़ना।
6. दुआ-ए-क़ुनूत: वित्र की नमाज में दुआ-ए-क़ुनूत
पढ़ना।
7. अस्सलामु अलैकुम: सलाम के ज़रिए नमाज खत्म
करना।
8. किसी भी फ़र्ज़ या वाजिब को दोहराना नहीं।
9. ज़ुहर और असर में धीरे से किराअत करना।
10. **फज्र, मग़रिब और इशा में ज़ोर से किराअत करना।**
11. **ईद की नमाज में छह ज़ायदा तकबीरें कहना।**
12. तदील-ए-अरकान: यानी हर फ़र्ज़ रुक्न में कम से
कम एक तस्बीह (सुब्हान रब्बियल आ'ला) के बराबर ठहरना।
नमाज़ के सुन्नतें:
नमाज की निम्नलिखित सुन्नतें
बताई गई हैं:
1. **तकबीर-ए-उला में रफा यदऐन: तकबीर-ए-तहरीम के
समय हाथ उठाना।
2. **सूरह फातिहा के बाद आहिस्ता "आमीन"
कहना।**
3. **रुकू और सजदे में तस्बीह तीन बार पढ़ना।**
4. **सजदे में दोनों हाथ मिले रखना।**
5. **तशहहुद में उंगली उठाना।**
6. **नमाज के दौरान नज़र सजदे की जगह पर रखना।**
नमाज़ के मकरूहात (अवांछित कार्य):
नमाज में निम्नलिखित काम
मकरूह हैं:
1. **बिना ज़रूरत कपड़ों या शरीर को हिलाना।**
2. **आसमान की तरफ देखना।**
3. इधर उधर या
नक़्श-ओ-निगार की तरफ देखना।**
4. **बेजा ऊँघना या जँभाई लेना।**
5. **नमाज में खुजलाना या उंगलियाँ चटखाना।**
6. **बिना ज़रूरत किबला से मुँह फेरना।**
नमाज के मुफसिदात (नमाज टूटने के कारण):
नमाज के मुफसिदात यह बताए गए
हैं:
1. **बोलना:** दुनियावी बातचीत करना।
2. **खाना-पीना:** नमाज में कुछ खाना या पीना।
3. क़हक़हा लगाना (ज़ोर
से हँसना)।**
4. **नमाजी का किबला से मुँह फेर लेना।**
5. **वुज़ू टूट जाना।**
6. **सतर का खुल
जाना।**

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